प्रधानमंत्री ड्रीम प्रोजेक्ट नल जल योजना मे आया नया मोड़ शुरू हुवा नई खेल
गांव गांव मीठा पानी पहुंचाने के चककर मे आम नागरिकों के जान से भी खिलवाड़ किया जा रहा है, आप सोच रहे होंगे कैसे? दरसल बात ऐसी है के पाइप लाइन बिछाने एक गांव से दूसरे गांव तक पानी की सप्लाई हेतु सड़क के किनारे खुदाई कर पाइप लाइन बिछाया जा रहा है, जिसमे ठेकेदार द्वारा जे सी बी मशीन से खुदाई की जा रही है, उसमे भी कहानी है बात है बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा की ग्रामीण इलाकों की गांव के नाम कुछ इस तरह है देवकर से परपोड़ी, भटगांव तिरिया भाट, थानखम्हरिया से सैगोना मार्ग बेमेतरा से खम्हरिया मार्ग देवरबीजा बरगा से थानखम्हरिया जहाँ किसी जगह गड्डे खोद कर छोड़ दिया गया, कही बारिस की वजह से सड़क पर मिट्टी कीचड बन गया जिसकी वजह से आये दिन बड़ा हादसा हो रहा है, एक व्यक्ति की मृत्यु भी हो गईं किसी के हाथ पैर टूट गए इसके जिम्मेदार कौन शायद आबकारी विभाग होंगे क्योंकि दुर्घटना का सबसे बड़ा बहाना शराब को ही माना जाता है, जी नहीं मिट्टी गीली होने की वजह से गाड़ी का टायर स्लिप कर जाता है कई दुर्घटना हो गईं लोग गंभीर रूप से घायल हो गए लोग जिन्दा रहेंगे तब तो मीठा पानी पिएंगे मरने के बाद भ्रष्टाचार से बनी नल का मीठा पानी पिने थोड़ी आएगा PHE विभाग और ठेकेदार की मिली भगत और लापरवाही के चलते लोग अपनी जान गवाने लगे फिर भी कार्य चल रहा है वो भी बिना किसी दिशा निर्देश के पालन के लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा निर्देश किए जाने के बावजूद सरकारी सम्पत्ति को क्षति पहुंचाते हुए किया जा रहा है कार्य सड़क किनारे से 10 फिट की दुरी पर खोदे जाने के आदेश के बावजूद प्रशासन के दिशा निर्देशो की धज्जिया उड़ाते हुए कार्य हो रहा है, कही पर 10 फिट की दुरी पर तो कही सड़क से 1 फिट की दुरी पर सड़क के साइड सोल्डर को ही खोद कर पाइप लाइन बिछा दिया जा रहा है, शासन प्रशासन के पास अवसर है की इसी बहाने अवैध कब्जे और घास भूमि का सदुपयोग कर सके सड़को के किनारे लोग जमीन अधिग्रहण या अतिक्रमण किए बैठे है उसपर पाइप लाइन बिछाए ताकि भविष्य मे अगर सड़क चौड़ी करण करने का प्रस्ताव या स्तिथि आए तो पाइप लाइन सिपटिंग जैसी बड़े समस्या न आए ध्यान देने बात यह है की जे सी बी मशीन से खुदाई करने से सड़क छील रहा है कही बकेट का निशान पड रहा है तो कही दरारे आ रही है इसका जिम्मेदार कौन एक तो बड़ी मुश्किलों से ग्रामीण इलाकों की सडके बनी है, नई बने सड़को पर भी दरारे आ रही है कही क्षति ग्रस्त हो रहा है, यह तो सरासर लापरवाही है, शासन प्रशासन से सीधा प्रश्न है की एक प्रशासनिक कार्य को पूरा करने के लिए दूसरे प्रशासनिक विभाग को नुकसान पहुंचना यह किस हद तक सही है, क्या नई योजनाएँ केवल सरकार की योजना व पैसे की खाना पूर्ति हेतु चलाई जाती है, सरकार के पैसे का सही उपयोग क्यों नहीं किया जाता जिस जनता के टेक्स से जन हितैसी कार्यों के तहत योजनाएँ चलती है उन योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक नहीं पहुंचने का सबसे बड़ा कारण यही भ्रष्टाचार और शासन प्रशासन की लापरवाही है, या तो प्रशासन इसपर रोक लगाना नहीं चाहते क्योंकि प्रशासनिक पद पर बैठे बड़े अधिकारीयों को इसका सीधा कमीशन पहले से पहुंच गया होगा जिसके चलते वे संज्ञान होने के बावजूद कोई कार्यवाही करना नहीं चाहते अगर यह शिलशीला यही नहीं थमा और संबंधित दोषियों चाहे वह ठेकेदार हो या प्रशासन के पद पर बैठे अधिकारी कर्मचारि ज़ब तक कोई ठोस कार्यवाही करते हुए गलती सुधार नहीं की जाती तब तक देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा नहीं होगा गरीबो को मीठा पानी घर तक पहुंच नहीं मिलेगा, आज तक किसी जगह का पानी टंकी और पाइप लाइन कनेक्शन चलने योग्य नहीं है, अन्य योजनाओं की तरह इस योजना का भी कोई औचित्य नहीं रह जायेगा ड्रीम प्रोजेक्ट भी चढ़ जायेगा भ्रष्टाचार की भेट केवल खाना पूर्ति के लिए बड़े अधिकारीयों द्वारा बड़ी क़ीमत लेकर किसी छोटे कर्मचारी या छोटे स्तर के ठेकेदार के ऊपर कार्यवाही कर दी जाती है, मामले को दबा कर लीपा पोती कर दी जाती है, जनता बिचारि भोली भाली भूल जाती है, फिर नए बजट सत्र मे नया बजट पेश कर उसी कार्य को अधूरा कर फिर शुरू किया जाता है, यह प्रक्रिया युही चलता रहता है, ठेकेदार और अधिकारी कर्मचारी माला माल होते रहते है।
